Saturday, March 12, 2022

कमर दर्द और आयुर्वेदिक थेरेपी

कमर दर्द एवं आयुर्वेदिक थेरेपी
पीठ दर्द एक आम रोग है। शारीरिक पोस्चर का गलत होना, पोषक तत्वों की कमी, वायु रोग, जीर्ण कब्ज, असंयमित दिनचर्या आदि कारणों से कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियां और नस नाड़ियां कमजोर हो जाती हैं । 

आयुर्वेद में पीठ दर्द की समस्या को दूर करने के लिए कई तरह के उपचार दिए जाते हैं. इन उपचारों में कटी बस्ती आयुर्वेदिक थेरेपीज सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है. यह थेरेपी विशेष रूप से पीठ दर्द की परेशानी को दूर करने के लिए दी जाती है. कटी बस्ती पंचकर्म चिकित्सा का एक हिस्सा है, जो शरीर को शुद्ध करने के साथ-साथ फिर से स्वस्थ  व मजबूत बनाता है।
*कटि बस्ती एक परिचय* 
कटी बस्ती को अक्सर पुराने पीठ दर्द, गठिया, जोड़ों की जकड़न और यहां तक कि मांसपेशियों में दर्द जैसी स्थिति में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे सुरक्षित और प्रभावकारी आयुर्वेदिक थेरेपी माना जाता है. नियमित समय तक पूर्ण रूप से कटी बस्ती थेरेपी लेने से आपको पीठ दर्द की समस्या का स्थायी समाधान हो जाता है।
यह एक बेहतरीन आयुर्वेदिक थेरेपी है. वस्ति एक रिंग के आकार के रूप को कहा जाता है, जिसे अनाज से बनाया होता है. इस प्रक्रिया में वस्ति को प्रभावित क्षेत्र पर रखा जाता है और फिर उसमें गर्म औषधीय तेल डाला जाता है।
त्वचा धीरे-धीरे तेल को सोख लेती है और 30 से 40 मिनट के बाद रिंग को हटा दिया जाता है और बचे हुए तेल से प्रभावित हिस्से की मालिश की जाती है. इस आयुर्वेदिक थेरेपी से न सिर्फ आपको दर्द से राहत मिलती है, बल्कि सख्त मांसपेशियां में भी रक्त का संचार बेहतर तरीके से होता है. वस्ति विभिन्न प्रकार की होती है।
*कटी बस्ती के लाभ*
 1. थेरेपी द्वारा वात दोष को दूर किया जाता है।
 2. इससे पीठ में सूजन, जकड़न और दर्द का इलाज करने में मदद मिलती है।
3.कटि वस्ति थेरेपी के दौरान उपयोग किए जाने वाले हर्बल तेल मांसपेशियों को गहराई से पोषण और मजबूती देने में मदद करते हैं।
4. इस थेरेपी से जोड़ों का लचीलापन और दर्द दूर हो सकता है. ऐसे में अगर आपको जोड़ों में किसी तरह की समस्या है, तो आप इस थेरेपी को ले सकते हैं।
5.यह थेरेपी लंबर स्पॉन्डिलाइटिस, इंटरवर्टेब्रल डिस्क प्रोलैप्स, लूम्बेगो या लोबर पीठ दर्द जैसी समस्याओं को दूर करने में प्रभावी हो सकती है।
6. कटि बस्ती आयुर्वेदिक थेरेपी वात दोष को शांत करने में मदद करती है, जिससे इंटरवर्टेब्रल जोड़ों की समस्याओं से दूर करने में सहायक है। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है।
7.यह थेरेपी लेने से रक्त संचार में भी सुधार हो सकता है।
 8. कटि वस्ति रीढ़ को मजबूत करने और पीठ दर्द को रोकने के लिए भी एक निरापद व प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार है।
9. कटी बस्ती एक बेहद प्रभावकारी थेरेपी है, जो आपकी रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में असरदार हो सकती है. साथ ही यह पीठ दर्द से राहत दिलाने में भी मदद करती है. 
10.  इस थेरेपी की मदद से पीठ की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह पर ही इस थेरेपी को लें।

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