Thursday, March 10, 2022

अनुलोम विलोम प्राणायाम और उसके लाभ

अनुलोम विलोम प्राणायाम
हर मौसम में सभी उम्र के साधक स्वस्थ हों अथवा रोगी हर कोई इसका अभ्यास कर सकता है।
विधि -  सुखासन  सिद्धासन अथवा पदमासन में बैठें। बाएं हाथ की ज्ञान मुद्रा तथा दायाँ हाथ प्राणायाम मुद्रा में रखकर बायीं नासिका से श्वास लेकर दायीं नासिका से बाहर छोड़ें । इसी प्रकार अब दायीं नासिका से श्वास लेकर बायीं ओर छोड़ें ।ये क्रम लगातार चलता रहे। श्वास लेकर हर बार थोडा रुककर कुम्भक करें तो और अच्छा है।
सभी शारीरिक मानसिक साध्य एवम् असाध्य रोगों को जड़ से मिटाता है। इस अभ्यास से शरीर मन बुद्धि व् आत्मा निर्मल हो जाते हैं। 10 से 20 मिनट अभ्यास रोज करना चाहिए । जितना करें उतना अच्छा।

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